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मैं सबसे छोटी होऊँ - सुमित्रानंदन पंत | Main Sabse Chhoti Houn - Sumitranndan Pant

मैं सबसे छोटी होऊँ, तेरी गोदी में सोऊँ, तेरी अंचल पकड़-पकड़कर फिरूँ सदा माँ! तेरे साथ, कभी न छोडूँ तेरा हाथ! बड़ा बनाकर पहले हमको ...

तुम तो बस माँ हो - वीरेश्वर उपाध्याय | Tum To Bas Maan Ho - Veereshwar Upadhyay

माँ    कैसे समझें तुम क्या क्या हो,     हे माता ! तुम  तो बस माँ हो ।    वेदमूर्ति बनकर गुरुवर ने, जीवन का जो पाठ पढ़ाया, सींच...

माँ की ममता जग से न्यारी - शम्भूनाथ तिवारी (मातृ दिवस स्पेशल)

अगर कभी मैं रूठ गया तो, माँ ने बहुत स्नेह से सींचा। कितनी बड़ी शरारत पर भी, जिसने कान कभी ना खीँचा। उसके मधुर स्नेह से महकी, मेरे जीवन...